माँ, आप अब पास नहीं हो,
पर हर धड़कन में आपकी आवाज़ बसती है।
हर लम्हा आपकी ममता की छाँव में गुज़रता है,
आपकी यादें अब भी मेरी दुनिया सजाती हैं।
जब भी मुश्किलों से घिरती हूँ,
आपका स्पर्श महसूस करती हूँ।
आपकी दी हुई सीख मेरे हर कदम में रहती है,
आपकी दुआएँ हर मुश्किल को आसान कर देती हैं।
आप थी तो हर दर्द भी मीठा सा लगता था,
आपकी गोद में सिर रखते ही सुकून मिलता था।
अब तो बस यादों में तेरा आँचल लहराता है,
आपकी ममता का एहसास ही जीने का सहारा बन जाता है।
माँ, आपका होना ही मेरा संसार था,
अब भी आपके बिना अधूरा सा हर त्योहार है।
पर मैं जानती हूँ, आप जहाँ भी होगी मुस्कुरा रही होगी,
मेरी हर खुशी में, मेरी हर सफलता में साथ खड़ी होगी।
आप गई नहीं, बस रूप बदल लिया है,
अब आप मेरी हर साँस में समा गई है।
मेरी हर प्रार्थना में आपका नाम होता है,
क्योंकि माँ, आपका प्यार कभी खत्म नहीं होता है।
माँ, आप हमेशा मेरे साथ हो… हर धड़कन में, हर साँस में!
DR. SUNITA SAXENA

