ज़िन्दगी एक किताब है

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ज़िन्दगी एक किताब है, हर पन्ना नया रंग लाता है,
कभी ख़ुशी की बात लिखी है, तो कभी आँसू बहाता है।

हर किसी का अध्याय अलग, हर मोड़ पे कुछ सिखाता है,
जो पढ़े दूसरों की कहानी, वो भी कुछ राज़ बताता है।

पर अपने पन्ने खुद ही भरने हैं, अपनी कलम चलानी है,
नज़रों को दूसरों पर नहीं, बस अपने मन में झाँकना है।

किताब ये जन्म से खुलती है, मृत्यु पे धीरे बंद होती है,
पर बीच की पूरी यात्रा, हमारी सोच से बनती है।

आओ हर दिन एक नई स्याही से, कुछ अच्छा लिखते जाएँ,
ग़लतियाँ हों तो सीखें उनसे, नये अध्याय रचते जाएँ।

इस किताब का न आलोचना करें, न तुलना की ज़ंजीर पहनें,
बस इसके हर अक्षर में छुपी, उस खूबसूरती को गहराई से देखें।

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